यदि आप कारखानों द्वारा होने वाले ध्वनि प्रदूषण का सामना कर रहे हैं और इसके खिलाफ लड़ना चाहते है तो आपको सबसे पहले लोगों के बीच इस तरह के प्रदूषण से होने वाले हानिकारक परिणामों के बारे में जागरूकता फैलानी होगी ,और उन्हें सामूहिक रूप में उस कारखाने के मालिक से बात करने के लिए अपने साथ चलने को कहना होगा। आप लोगो की एकता ही आपकी शक्ति हे जो बड़े फैक्ट्री मालिकों से लड़ने में आपकी मदद कर सकती हे।
फैक्ट्री का मालिक अपनी दीवारों और छत को शोर कम करने वाले उपचार का उपयोग करके मशीनो से होने वाले शोर को कम कर सकता है इसके अलावा वह पुरानी मशीनों को नई मशीनों से बदल के, उनका अच्छे से रखरखाव करके, शोर कम करने वाले उपकरणों का उपयोग करके होने वाले शोर को कम कर सकता है
इसके बाद ध्वनि मीटर ऐप का उपयोग कर सरकार द्वारा निर्धारित किये शोर नियम के अनुसार कितना शोर उस फैक्ट्री के लिए किया जा सकता है का पता लगाए जिससे आपको पता लग जायेगा की उस फैक्ट्री से नियम का उल्लंघन हो रहा है या नहीं। यह पता लगाने के लिए कि फैक्ट्री की कितनी शोर सिमा है आप अपने नगर पालिका में इसकी जांच कर सकते है ।
अगर वह आपकी मांगों को सुनने से इंकार कर देता है तो आप अपनी पहचान का खुलासा किए बिना 100 पुलिस हेल्पलाइन नंबर 24/7 डायल करके उस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस से संपर्क कर सकते हैं या आप व्यक्तिगत रूप से अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। आप वीडियो को रिकॉर्ड कर सकते हैं और अपनी शिकायत दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के तहत ऑनलाइन दर्ज़ कर सकते है या आप केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अपनी परेशानी के बारे में लिख सकते हैं।
हम आपको अपनी सभी शिकायतों और वीडियो का रिकॉर्ड बनाने का सुझाव देंगे ताकि यदि कोई आपके मामले की जांच नहीं कर रहा हो, तो आप उन्हें अदालत में गवाही के रूप में उपयोग कर सकते हैं।या उसकी शिकायत बड़े सरकारी विभाग में कर सकते है ।
अगर आपको अपनी शिकायत लिखने के लिए सहायता की ज़रूरत है तो आप अपने इलाके से किसी की मदद ले सकते हैं, जो इसे लिख सकता है और उसे दिए गए पते पर पोस्ट कर सकता है। आप मुफ्त कानूनी सहायता के लिए दिल्ली कानूनी सहायता सेवा प्राधिकरण से भी संपर्क कर सकते हैं
आवाज फाउंडेशन शोर प्रदूषण के लिए एक एनजीओ काम करता है, आप उनसे संपर्क कर सकते हैं और इस मामले में आपकी मदद करने के लिए प्रार्थना कर सकते हैं।
यदि आपको उपर्युक्त अधिकारियों से कोई सहायता नहीं मिलती है तो आप सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दर्ज़ कर सकते हैं। ये याचिका ज्यादा लोगो के हक़ के लिए एक साथ कोर्ट में दर्ज की जा सकती है जिससे कम समय में सबको एक साथ न्याय मिल सके।
हम जानते हैं कि यह एक लंबी प्रक्रिया है और आपको बहोत सारी बाधाओं से निपटना होगा,इसलिए हम आपको सलाह देते है की अकेले लड़ने से अच्छा सब लोगो को समझा कर साथ में इस तरह के प्रदूषण से खुद को और पर्यावरण को बचाये। धन्यवाद।